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Showing posts from 2020

सेमरा गाँव की डॉ प्रियंका कुमारी राय बनीं असिस्टेंट प्रोफेसर

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सेमरा निवासी डॉ प्रियंका कुमारी राय का चयन हिंदी विषय के असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर हुआ है. ऐसी सफलता हासिल करके उन्होंने सभी ग्रामवासियों को गौरवान्वित होने का अवसर दिया है. डॉ प्रियंका का चयन ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के बीआरबी कॉलेज में हुआ है. उनका शोध-कार्य काशी हिंदू विश्वविद्यालय से 'ग्रामीण जीवन का बदलता स्वरूप और शिवमूर्ति का कथा साहित्य' नामक विषय पर हुआ है. बड़ी बात यह है कि उनके पति डॉ अजीत कुमार राय भी असिस्टेंट प्रोफेसर हैं जो वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा के सरदार वल्लभभाई पटेल कॉलेज में नियुक्त हैं. गौरतलब है कि डॉ अजीत को गिरमिटिया मजदूरों और भारतीय प्रवासन से संबंधित कार्यों के लिए भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद और मॉरीशस के राष्ट्रपति द्वारा पोर्ट लुईस में सम्मानित भी किया जा चुका है. डॉ प्रियंका कुमारी राय डॉ अजीत कुमार राय गाँव के इतिहास में यह अभूतपूर्व है कि एक ही परिवार के और वो भी पति-पत्नी दोनों ही प्रोफेसर के पद पर हैं. डॉ प्रियंका गाँव के श्री वंश नारायण राय और श्रीमती प्रेमशीला राय की पुत्रवधू हैं. अपने पुत्र-पुत्रवधू को आ...

रमाकांत सिंह यादव ने शासन-प्रशासन को दिखाया आईना

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सेमरा के रहने वाले रमाकांत सिंह यादव ने गाँव के ग्राम प्रधान सहित बाकी जनप्रतिनिधियों को आईना दिखाया है। वो स्व. भोला यादव के पुत्र हैं और लखनऊ में रहकर नौकरी करते हैं फिर भी गाँव से दूर रहते हुए भी उन्होंने अपने खर्च से सेमरा(पश्चिम टोल) की गलियों में 4 स्ट्रीट लाइट्स लगाकर एक नजीर पेश की है। उनके इस कदम से गाँव-समाज को प्रेरणा लेनी चाहिए और शासन-प्रशासन को शर्मिंदा होना चाहिए कि जो काम उन्हें करना चाहिए वो काम गाँव के लोग खुद कर रहे हैं। गाँव में रमाकांत जी के द्वारा लगायी गयी लाइट्स में से एक लाइट सरकार गाँव में लाइट/सोलर लाइट लगाने के लिए हर साल ग्राम पंचायत को बजट जारी करती है लेकिन सेमरा-शिव राय का पुरा में एक-दो जगहों को छोड़कर कहीं भी कोई लाइट किसी के द्वारा नहीं लगायी गयी है। खैर जो भी हो लेकिन रमाकांत जी के इस कदम से पूरे गाँव को नागरिकों को प्रेरणा लेनी चाहिए और जनप्रतिनिधियों को भी सबक सीखना चाहिए। रमाकांत सिंह यादव की तस्वीर

समाप्ति की ओर अग्रसर सेमरा से तरबूज की खेती

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सेमरा-शिव राय का पुरा गाँव आलू की खेती के लिए तो पूरे जनपद में विख्यात है ही लेकिन तरबूज की खेती में भी इस गाँव का महत्वपूर्ण स्थान रहा है हालांकि पिछले दो-तीन सालों से अब यहाँ की तस्वीर बदलती नजर आ रही है। दरअसल यहाँ के किसान जिन खेतों में आलू की खेती करते थे, आलू की खुदाई के बाद उन सारे खेतों में तरबूज ही बोते थे। सायर जैसे गाँव के अलावा गाजीपुर में शायद ही कोई ऐसा गाँव होगा जहाँ इतने बड़े क्षेत्रफल में तरबूज की खेती की जाती हो लेकिन दुःख की बात है कि गाँव के किसान तरबूज की खेती से अब विमुख होते जा रहे हैं। गाँव के किसानों की इस खेती से भोहभंग होने के कई कारण हैं जैसे- इतना मंहगा बीज खरीद के बोने के बाद पैदावार अच्छी होने पर भी खरीददारों का न मिलना, फसल तैयार होने के बाद तुड़ाई में देर होने पर फसल का तुरंत सड़ना शुरू हो जाना और सबसे बड़ा एक कारण जंगली सूअरों का आतंक है जो खेत के खेत एक ही रात में तबाह कर डालते हैं। ऐसे ही कई कारण हैं कि अब तरबूज की कच्ची खेती करने की बजाय गाँव के किसान उड़द की खेती को अधिक महत्व देने लगे हैं। दरअसल तरबूज की तरह पकने पर यह तुरंत सड़ता भी नहीं और न ही ...

चोरी के एक महीना बीतने पर भी पर्दाफाश नहीं

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सेमरा में हुई चोरी को अब एक महीना से भी ज्यादा समय बीत चुका है लेकिन इतने दिन बीतने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली के खाली हैं। ज्ञात हो कि पिछले महीने की 7 तारीख को गाँव के उपेन्द्र नाथ राय के घर भारी चोरी हुई थी जिसमें लाइसेंसी पिस्टल, नकदी और जेवरात समेत 25 लाख की क्षति हुई थी। इस जघन्य वारदात के एक महीने बाद भी पुलिस चोरों के करीब तक नहीं पहुँच पायी है। पीड़ित परिवार के अनुसार इस एक महीने में पुलिस की प्रगति शून्य है। उनके अनुसार न तो पुलिस ने चोरों की धरपकड़ के लिए कहीं दबिश दी और न ही फॉरेंसिक रिपोर्ट पर सही से गौर किया। गाँव के लोग भी इस चोरी के बाद आतंकित हैं। उन्हें भी इस बात का डर है कि अगर चोर पकड़े न गये तो गाँव में ऐसे ही चोरी का सिलसिला शुरू हो जायेगा।

शेरपुर में 3 फरवरी को होगा उपचुनाव

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शेरपुर पंचायत के ग्राम प्रधान के निधन के बाद खाली हुई सीट पर उपचुनाव की घोषणा जिला निर्वाचन अधिकारी ओमप्रकाश आर्य ने कर दी है। ज्ञात हो कि शेेरपुर की ग्राम प्रधान मंजू देवी के असमय निधन के पश्चात  चंद्रभूषण राय  को कार्यवाहक प्रधान चुना गया था लेकिन कुुछ महीनों के बाद उन्हें भी पद से हटाकर उमलेश उपाध्याय को गाँव का नया कार्यवाहक प्रधान चुन लिया गया था। शनिवार को जिला निर्वाचन अधिकारी की घोषणा के मुताबिक शेरपुर में 3 फरवरी को मतदान व 5 फरवरी को मतगणना होगी जबकि प्रधान पद के लिए नामांकन 23 व 24 जनवरी को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक होगा। नामांकन पत्रों की जाँच 27 जनवरी को होगी वहीं 28 जनवरी को शाम 3 बजे तक नाम वापस लिये जा सकेंगे। इसके बाद बचे हुए नामों को प्रतीक चिन्ह आवंटित किये जायेंगे। 20 जनवरी से नामांकन पत्रों की बिक्री भी शुरू हो जायेगी। शेरपुर ग्राम पंचायत के लिए महिला आरक्षित  सीट निर्धारित है।