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Showing posts from January, 2018

सेमरा गाँव की डॉ प्रियंका कुमारी राय बनीं असिस्टेंट प्रोफेसर

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सेमरा निवासी डॉ प्रियंका कुमारी राय का चयन हिंदी विषय के असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर हुआ है. ऐसी सफलता हासिल करके उन्होंने सभी ग्रामवासियों को गौरवान्वित होने का अवसर दिया है. डॉ प्रियंका का चयन ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के बीआरबी कॉलेज में हुआ है. उनका शोध-कार्य काशी हिंदू विश्वविद्यालय से 'ग्रामीण जीवन का बदलता स्वरूप और शिवमूर्ति का कथा साहित्य' नामक विषय पर हुआ है. बड़ी बात यह है कि उनके पति डॉ अजीत कुमार राय भी असिस्टेंट प्रोफेसर हैं जो वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा के सरदार वल्लभभाई पटेल कॉलेज में नियुक्त हैं. गौरतलब है कि डॉ अजीत को गिरमिटिया मजदूरों और भारतीय प्रवासन से संबंधित कार्यों के लिए भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद और मॉरीशस के राष्ट्रपति द्वारा पोर्ट लुईस में सम्मानित भी किया जा चुका है. डॉ प्रियंका कुमारी राय डॉ अजीत कुमार राय गाँव के इतिहास में यह अभूतपूर्व है कि एक ही परिवार के और वो भी पति-पत्नी दोनों ही प्रोफेसर के पद पर हैं. डॉ प्रियंका गाँव के श्री वंश नारायण राय और श्रीमती प्रेमशीला राय की पुत्रवधू हैं. अपने पुत्र-पुत्रवधू को आ...

गाँव की उपेक्षा भाजपा को पड़ सकती है भारी

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भारतीय जनता पार्टी आज केंद्र और प्रदेश दोनों की सत्ता पर काबिज़ है। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मुहम्मदाबाद की विधायक अलका राय के समर्थन में आयोजित एक सभा में केंद्रीय संचार व रेल राज्यमंत्री तथा गाजीपुर के सांसद मनोज सिन्हा ने सेमरा-शिव राय का पुरा के लोगों से स्पष्ट तौर पर वादा किया था कि वो किसी भी कीमत पर गाँव को गंगा कटान से बचायेंगे लेकिन आज इस बात को एक साल बीतने के बाद भी उनकी तरफ से कुछ पहल नहीं की गयी यहाँ तक कि उन्होंने एक बार गाँव में आना भी ठीक नहीं समझा। मुहम्मदाबाद की विधायक अलका राय भी गाँव के कटान के मुद्दे पर अब तक कुछ नहीं कर सकीं। बताते चलें कि विधानसभा चुनाव में ही अलका राय के समर्थन में बैजलपुर में आयोजित एक जनसभा में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने गंगा कटान रोकने को अपनी पहली प्राथमिकता बतायी थी। अलका राय भी जीत गयीं और सरकार भी बन गयी लेकिन वो वादा पूरा न हो सका जो गाँव से किया गया था। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी आज से कुछ साल पहले जब वो केंद्र की सत्ता में नहीं थे, तब वादा किया था कि सत्ता में आकर वो कटान को रोकने के लिए उचित कदम...

उप्र पुलिस सिपाही भर्ती की प्रक्रिया शुरू, गाँव के मेहनती युवाओं के लिए सुनहरा मौका

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उत्तर प्रदेश पुलिस की बहुप्रतीक्षित सिपाही भर्ती का नॉटिफिकेशन उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के द्वारा जारी कर दिया गया है। 22 जनवरी से इच्छुक उम्मीदवार अपना आवेदन ऑनलाइन कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन 22 जनवरी से 22 फरवरी तक किया जा सकता है। प्रदेश में नयी सरकार बनने के बाद युवा इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे थे सरकार बनने के लगभग 10 महीनों के बाद ये विज्ञप्ति जारी की गयी है। इस पूरी भर्ती प्रक्रिया को इसी साल तक खत्म करने की सरकार की योजना है। बताते चलें कि 23520 नागरिक पुलिस व 18000 पीएसी कांस्टेबलों की विज्ञप्ति सरकार ने जारी की है फिलहाल ये तय नहीं है कि ये परीक्षा ऑनलाइन होगी या ऑफलाइन लेकिन उम्मीद है कि इस परीक्षा का आयोजन मई-जून में किया जायेगा उसके बाद नियमानुसार अभ्यर्थीयों का मेडिकल और उसके बाद दौड़ होगी अंत में लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर नियुक्ति की जायेगी। गाँव की बात करें तो पिछले एक दशक से गाँव की नयी पीढ़ी खेती की तरफ भागती जा रही है। खेती-किसानी की हालत तो सब जानते हैं खेती में किसानों को कभी कभी लागत मूल्य के बराबर भी मूल्य नहीं मिलता...

गाँव की बेटी ने किया गाँव का नाम रोशन

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सेमरा(शिव राय का पुरा) की रहने वाली अपर्णा राय ने अपने पहले ही प्रयास में राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा(NET) उत्तीर्ण करके गाँव का नाम रोशन किया है। नवंबर, 2017 में हुई नेट की परीक्षा को उन्होंने 64.57 प्रतिशत अंको के साथ हिंदी विषय से उत्तीर्ण किया है। वो जेआरएफ की मेरिट से बस थोड़ी ही पीछे हैं ज्ञात हो कि उनका यह पहला प्रयास था साथ ही बिना किसी कोचिंग क्लास से तैयारी किये सिर्फ अपने बलबूते उन्होंने ये कामयाबी हासिल की है जो कि बहुत बड़ी बात है। उनकी प्रारंभिक शिक्षा गाँव से ही हुई है उन्होंने स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई राजकीय महाविद्यालय, मुहम्मदाबाद से ही की है। बिना किसी कोचिंग के घर पर ही तैयारी करके नेट की परीक्षा उत्तीर्ण करना एक बड़ी उपलब्धि है। अपर्णा जनार्दन राय की तीसरी पुत्री हैं वह अपनी कामयाबी का श्रेय अपने गुरूजनों और अपने माता-पिता को देती हैं। अपर्णा के शब्दों में, "शुरू शुरू में मुझे डर लगता था कि मैं ये कर पाऊँगी या नहीं। लोग कहते थे कि बिना किसी कोचिंग के ये करना असंभव है लेकिन मुझे दिखाना था कि मैं घर पर ही रहकर इसे कर सकती हूँ और मैंने अपने गुरूजनों क...

सेमरा पर भारी है अगली बरसात

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सेमरा गंगा कटान के वैज्ञानिक कारणों और उससे बचाव के उपायों पर समीक्षा कर रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार राधेश्याम राय- गाँव के प्रति सरकार का उदासीन रवैया और कटान के मूल कारण: सेमरा को बचाने के लिए आधे अधूरे मन से बनते बिगड़ते ठोकर ठेकेदारों की जेब तो भर सकते हैं लेकिन सेमरा का अस्तित्व नहीं बचा सकते और अगर इस गाँव को बचाने की सरकारी रफ्तार यही रही तो अगली बरसात में सेमरा का अस्तित्व बच पाएगा या नहीं कहना मुश्किल है। मैं ये बात आप लोगों को चौंकाने के लिए नहीं बल्कि शक्करपुर और गहमर के बीच गंगा के बहाव और गंगा की धारा में तीखे मोड़ के विश्लेषण और इस विषय के जानकारों से विमर्श के बाद लिख रहा हूँ। गंगा गाजीपुर में काशी की तरह ही उत्तरवाहिनी होकर बहती है इसीलिए गाधिपुरी को लहुरी काशी भी कहा जाता है लेकिन यही गंगा शक्करपुर के पास पहुंचते ही अचानक तीखा मोड़ लेते हुए दक्षिणवाहिनी हो जाती है। गंगा के प्रवाह का ये क्रम गहमर तक जारी रहता है, जहाँ से गंगा की धारा तकरीबन समकोण पर पूरब दिशा में बहनी शुरु होती है लेकिन यहीं गंगा के प्रवाह में अचानक अवरोध उत्पन्न होता है जो शक्करपुर-गहमर के बीच के प्र...