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Showing posts from December, 2017

सेमरा गाँव की डॉ प्रियंका कुमारी राय बनीं असिस्टेंट प्रोफेसर

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सेमरा निवासी डॉ प्रियंका कुमारी राय का चयन हिंदी विषय के असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर हुआ है. ऐसी सफलता हासिल करके उन्होंने सभी ग्रामवासियों को गौरवान्वित होने का अवसर दिया है. डॉ प्रियंका का चयन ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के बीआरबी कॉलेज में हुआ है. उनका शोध-कार्य काशी हिंदू विश्वविद्यालय से 'ग्रामीण जीवन का बदलता स्वरूप और शिवमूर्ति का कथा साहित्य' नामक विषय पर हुआ है. बड़ी बात यह है कि उनके पति डॉ अजीत कुमार राय भी असिस्टेंट प्रोफेसर हैं जो वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा के सरदार वल्लभभाई पटेल कॉलेज में नियुक्त हैं. गौरतलब है कि डॉ अजीत को गिरमिटिया मजदूरों और भारतीय प्रवासन से संबंधित कार्यों के लिए भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद और मॉरीशस के राष्ट्रपति द्वारा पोर्ट लुईस में सम्मानित भी किया जा चुका है. डॉ प्रियंका कुमारी राय डॉ अजीत कुमार राय गाँव के इतिहास में यह अभूतपूर्व है कि एक ही परिवार के और वो भी पति-पत्नी दोनों ही प्रोफेसर के पद पर हैं. डॉ प्रियंका गाँव के श्री वंश नारायण राय और श्रीमती प्रेमशीला राय की पुत्रवधू हैं. अपने पुत्र-पुत्रवधू को आ...

भयानक होती गंगा कटान और असहनीय पीड़ा झेलने को मजबूर ग्रामवासी

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कटान की वर्तमान स्थिती और उससे बचाव के उपायों पर समीक्षा कर रहे हैं डॉ. प्रवीण कुमार राय- रौद्र रूप धारण करती गंगा और बदतर होती गाँव के लोगों की स्थिती: सदियाँ बीत जाती हैं इक आशियाना बनाने में, तिनका तिनका जोड़ के बनाये हुए और लगभग दो चार सौ सालों से आबाद घर को अगर आप से कहा जाय कि 14 घंटे में समेट के सुरक्षित निकल जायें तो आपका सर चकरा जायेगा। ठीक यहीं स्थिति पिछले तीन चार सालों से गाजीपुर के सेमरा गाँव की बनी हुई है पिछले तीन दशकों से लगातार लोगों की कृषि योग्य भूमि गंगा मे विलीन होने के बाद अब तो माँ गंगा पूरे गाँव को एक एक करके अपने आगोश मे लेने के लिये मानो जैसे व्यग्र हैं। 10000 की आबादी वाले गाँव में अब तक सभी वर्गो के मिलाकर कुल 400 परिवारों के घर-द्वार कटान की जद में आकर गंगा में विलीन हो गये हैं और गाँव की दो तिहाई आबादी को विस्थापन का दंश झेलना पड़ रहा है। पूरा गाँव लगभग छिन्न भिन्न सा हो गया है लोग अपना सबकुछ गँवाकर जहाँ-तहाँ अपने सामर्थ्यानुसार किसी तरह जीवनयापन करने को अभिशप्त हैं। देखा जाय तो यह गाँव शुरू से ही अभावों व दुश्वारियों से जुझता रहा है और उसका ...

सेमरा विकास मंच: परिचय

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सेमरा विकास मंच  का उद्भव सेमरा और शिव राय का पुरा गाँव को गंगा कटान से बचाने के लिए तथा ग्रामवासियों में अपने गाँव के प्रति जागरूकता लाकर उन्हें वैचारिक स्तर पर मजबूत बनाने के लिए हुआ है। इस मंच का मुख्य उद्देश्य गाँव को कटान से बचाकर अपने अस्तित्व को कायम रखना है। कटान का मुद्दा बहुत बड़ा मुद्दा है प्रशासन भी इस मामले में उतना सक्रिय नहीं है जितना उसे रहना चाहिए। अब तक ग्रामवासियों की तरफ से हुए तमाम आंदोलनों और सरकार के तमाम प्रयासों और आश्वासनों के बावजूद भी हम कुछ प्राप्त न कर सके। बरसात का मौसम नजदीक आ रहा है और समय रेत की तरह मुट्ठी से फिसलता जा रहा है हम हर क्षण अपनी बर्बादी की तरफ बढ़ रहे हैं अगर सरकार की तरफ से कुछ पहल न की गयी तो हमारी बर्बादी में कोई दो राय नहीं है। चूँकि आज जमाना इंटरनेट का है लेकिन अब तक कोई ऐसा प्लेटफार्म नहीं था जहाँ गाँव का कोई भी व्यक्ति अपनी बात स्वतंत्रता से रख सके इसलिए हमने सबसे पहले ग्रामवासियों को आपस में जोड़ने के लिए एक व्यापक फेसबुक ग्रुप बनाया, पेज बनाया, उन्हें एक ऐसा प्लेटफार्म दिया जहाँ वो बेबाकी से अपनी बात रख सकें और हम...