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Showing posts from July, 2018

सेमरा गाँव की डॉ प्रियंका कुमारी राय बनीं असिस्टेंट प्रोफेसर

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सेमरा निवासी डॉ प्रियंका कुमारी राय का चयन हिंदी विषय के असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर हुआ है. ऐसी सफलता हासिल करके उन्होंने सभी ग्रामवासियों को गौरवान्वित होने का अवसर दिया है. डॉ प्रियंका का चयन ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के बीआरबी कॉलेज में हुआ है. उनका शोध-कार्य काशी हिंदू विश्वविद्यालय से 'ग्रामीण जीवन का बदलता स्वरूप और शिवमूर्ति का कथा साहित्य' नामक विषय पर हुआ है. बड़ी बात यह है कि उनके पति डॉ अजीत कुमार राय भी असिस्टेंट प्रोफेसर हैं जो वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा के सरदार वल्लभभाई पटेल कॉलेज में नियुक्त हैं. गौरतलब है कि डॉ अजीत को गिरमिटिया मजदूरों और भारतीय प्रवासन से संबंधित कार्यों के लिए भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद और मॉरीशस के राष्ट्रपति द्वारा पोर्ट लुईस में सम्मानित भी किया जा चुका है. डॉ प्रियंका कुमारी राय डॉ अजीत कुमार राय गाँव के इतिहास में यह अभूतपूर्व है कि एक ही परिवार के और वो भी पति-पत्नी दोनों ही प्रोफेसर के पद पर हैं. डॉ प्रियंका गाँव के श्री वंश नारायण राय और श्रीमती प्रेमशीला राय की पुत्रवधू हैं. अपने पुत्र-पुत्रवधू को आ...

क्या बच पाएगा सेमरा का अस्तित्व

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बरसात का मौसम आ चुका है और गंगा के जलस्तर में पिछले कई दिनों से बढ़ोत्तरी हो रही है। सेमरा व शिव राय का पुरा में कटान से बचाव के लिए ठोकर निर्माण व मरम्मत का जो कार्य चल रहा था, जलस्तर बढ़ जाने के कारण उसे रोक दिया गया है। ऐसे में गाँव के लोगों को डर सता रहा है कि बीते सालों की तरह इस साल भी कहीं उन्हें गंगा की रौद्र लहरों का सामना न करना पड़े। बताते चलें कि गंगा कटान से शिव राय का पुरा का 80% व सेमरा का 50% भाग गंगा में समाहित हो चुका है। साल 2013 में सरकार ने कटान की रोकथाम के लिए ठोकर का निर्माण कराया था और उसी ठोकर का विस्तार व मरम्मत का कार्य इस साल किया जा रहा था। गाँव में तीन जगहों पर ठोकर का काम चल रहा था। शिव राय का पुरा में रामतुलाई के पास, गाँव के मध्य में दीनानाथ राय के घर के पास व गाँव के पश्चिमी सिरे पर ठोकर का का काम चल रहा था। इनमें से सबसे खराब हाल रामतुलाई के पास वाले ठोकर का है जहाँ अब तक ठोकर की नींव ही तैयार की जा सकी है। बीते सप्ताह इसी जगह पर पत्थरों की कमी भी हो गयी थी जिसके कारण कई दिनों तक काम रूक गया था। इसी तरह से मजदूरों की मजदूरी न मिलने पर उन्होंने काम...