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Showing posts from 2018

सेमरा गाँव की डॉ प्रियंका कुमारी राय बनीं असिस्टेंट प्रोफेसर

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सेमरा निवासी डॉ प्रियंका कुमारी राय का चयन हिंदी विषय के असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर हुआ है. ऐसी सफलता हासिल करके उन्होंने सभी ग्रामवासियों को गौरवान्वित होने का अवसर दिया है. डॉ प्रियंका का चयन ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के बीआरबी कॉलेज में हुआ है. उनका शोध-कार्य काशी हिंदू विश्वविद्यालय से 'ग्रामीण जीवन का बदलता स्वरूप और शिवमूर्ति का कथा साहित्य' नामक विषय पर हुआ है. बड़ी बात यह है कि उनके पति डॉ अजीत कुमार राय भी असिस्टेंट प्रोफेसर हैं जो वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा के सरदार वल्लभभाई पटेल कॉलेज में नियुक्त हैं. गौरतलब है कि डॉ अजीत को गिरमिटिया मजदूरों और भारतीय प्रवासन से संबंधित कार्यों के लिए भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद और मॉरीशस के राष्ट्रपति द्वारा पोर्ट लुईस में सम्मानित भी किया जा चुका है. डॉ प्रियंका कुमारी राय डॉ अजीत कुमार राय गाँव के इतिहास में यह अभूतपूर्व है कि एक ही परिवार के और वो भी पति-पत्नी दोनों ही प्रोफेसर के पद पर हैं. डॉ प्रियंका गाँव के श्री वंश नारायण राय और श्रीमती प्रेमशीला राय की पुत्रवधू हैं. अपने पुत्र-पुत्रवधू को आ...

सेमरा-शहनिन्दा मार्ग की मरम्मत कब?

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शहनिन्दा से होकर सेमरा व शिव राय का पुरा तक जाने वाली सड़क की स्थिती पिछले कई सालों से बहुत दयनीय है। साल 2013 में आयी बाढ़ से ये सड़क जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गयी थी जिसे किसी भी तरह से मरम्मत करके आने-जाने लायक बना दिया गया उसके बाद फिर 2016 में जब दोबारा बाढ़ आयी तो इस सड़क का हाल पहले से भी खराब हो गया और अब हाल यह है कि इस सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल है। शहनिन्दा से चलने के बाद मठिया के पास, जीयनदासपुर गाँव में और साधु की कुटी आदि जगहों पर तो सड़क इतनी खराब है कि इन जगहों पर कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना घट सकती है लेकिन बावजूद इसके प्रशासन और जनप्रतिनिधि हाथ पर हाथ धरे बैठे हुए हैं। पिछले साल जब प्रदेश में नयी सरकार बनी थी तो गाँव के लोगों को आस बंधी थी कि ये सड़क भी गड्ढामुक्त हो ही जायेगी लेकिन धीरे-धीरे ये आस भी टूट रही है। पिछले दिनों खबर मिली थी कि इस सड़क के निर्माण के लिए निविदा जारी की जा चुकी है इस खबर के महीनों बाद भी सड़क निर्माण के आसार दूर-दूर तक नहीं दिखते जिसके कारण ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। सेमरा निवासी उमेश सिंह यादव  कहते हैं कि गाँँव...

शिव राय का पुरा में एक बार फिर गंगा ने बरपाया कहर

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सोमवार की शाम सेमरा व शिव राय का पुरा के निवासियों के लिए दहशत भरी शाम रही। गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी शुरू होने के बाद शाम होते ही शिव राय का पुरा में पानी का रूख बिगड़ना शुरू हो गया और कुछ ही देर बाद भयंकर कटान शुरू हो गयी। गाँव के बिल्कुल पूर्वी हिस्से में भगवान शिव और गाँव के डीह बाबा के पास कटान शुरू हुई और देखते ही देखते उसका दायरा बढ़ने लगा। कुछ ही देर बाद साधु राय का घर कटान की भेंट चढ़ गया जिसके बाद कटान हरिजन बस्ती की तरफ और सरकारी अस्पताल की तरफ बढ़ने लगी। अंतिम समाचार मिलने तक अभी कटान जारी थी जिससे लोग आतंकित थे। कटान के डर से आसपास के लोग अपना घर खाली करके सामान इधर-उधर पहुँचा रहे हैं। बता दें कि पिछले कई दशकों से सेमरा व शिव राय का पुरा कटान से जूझ रहा है लेकिन इसका स्थायी समाधान न निकाला जा सका। 2017 के विधानसभा चुनाव में इस गाँव को बचाने के लिए भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने गंगा की धारा मोड़ने की बात की थी व आश्वासन दिया था कि सरकार बनने पर गाँव को बचाना उनकी प्राथमिकता होगी लेकिन दुर्भाग्यवश ये...

समाज के कमजोर व्यक्तियों के लिए मसीहा थे अकलू राय

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समाज में ऐसे बहुत सारे लोग हैं जो इज्जत या शोहरत कमा लेने के बाद समाज की तरफ देखना पसंद नहीं करते व अपने घमंड के आसमान से नीचे झाँकना भी पसंद नहीं करते वहीं दूसरी तरफ ऐसे लोगों की भी कोई कमी नहीं है जो सफलता के शिखर पर पहुँचने के बाद पहले से भी अधिक विनम्र और मृदुल हो जाते हैं ठीक वैसे ही जैसे फलदार वृक्ष पर फल आने के बाद उसकी शाखाएँ नीचे की तरफ झुक जाती हैं। अकलू राय, एक ऐसे इंसान जिनके पीछे सारा जमाना चलता था, एक ऐसे इंसान जो आजीवन समाज के कमजोर लोगों की ढाल बनकर लड़े, एक ऐसे इंसान जिनके नाम पर जाति की दीवार को गिराकर लोग एक साथ आ जाते थे, एक ऐसे इंसान जिनकी कहानियाँ आज भी लोगों की जुबान पर हैं और एक ऐसे इंसान जिनके ऊपर हमारे गाँव के लोग गर्व महसूस करते हैं। अकलू राय का जन्म सन् 1880 के आसपास शिव राय का पुरा में हुआ था। वो असमन राय के पोते और देवकी राय के ज्येष्ठ पुत्र थे। उनका जीवन बेहद सादगी भरा रहा। समाज में खूब नाम कमाने के बाद और लगभग 90 साल का लंबा जीवन जीने के बाद वो अपने भरे-पूरे परिवार और ढेरो चाहने वालों को छोड़कर दुनिया को अलविदा कह गये। उनके बारे में अनेक जनश्रुतिय...

क्या बच पाएगा सेमरा का अस्तित्व

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बरसात का मौसम आ चुका है और गंगा के जलस्तर में पिछले कई दिनों से बढ़ोत्तरी हो रही है। सेमरा व शिव राय का पुरा में कटान से बचाव के लिए ठोकर निर्माण व मरम्मत का जो कार्य चल रहा था, जलस्तर बढ़ जाने के कारण उसे रोक दिया गया है। ऐसे में गाँव के लोगों को डर सता रहा है कि बीते सालों की तरह इस साल भी कहीं उन्हें गंगा की रौद्र लहरों का सामना न करना पड़े। बताते चलें कि गंगा कटान से शिव राय का पुरा का 80% व सेमरा का 50% भाग गंगा में समाहित हो चुका है। साल 2013 में सरकार ने कटान की रोकथाम के लिए ठोकर का निर्माण कराया था और उसी ठोकर का विस्तार व मरम्मत का कार्य इस साल किया जा रहा था। गाँव में तीन जगहों पर ठोकर का काम चल रहा था। शिव राय का पुरा में रामतुलाई के पास, गाँव के मध्य में दीनानाथ राय के घर के पास व गाँव के पश्चिमी सिरे पर ठोकर का का काम चल रहा था। इनमें से सबसे खराब हाल रामतुलाई के पास वाले ठोकर का है जहाँ अब तक ठोकर की नींव ही तैयार की जा सकी है। बीते सप्ताह इसी जगह पर पत्थरों की कमी भी हो गयी थी जिसके कारण कई दिनों तक काम रूक गया था। इसी तरह से मजदूरों की मजदूरी न मिलने पर उन्होंने काम...

कैप्टन प्रमोद राय : शून्य से शिखर तक

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हमारे गाँव में बहुत से ऐसे मेहनती लोग हैं जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में बिना किसी वाह्य मदद के अपने बलबूते पहचान बनायी है, कैप्टन प्रमोद राय का नाम उनमें से एक है। कैप्टन राय ने भारतीय सेना में लगभग 34 साल तक अपनी सेवा दी है, जो कि बड़ी बात है। कैप्टन राय का नाम यहाँ इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वो गाँव के पहले कैप्टन हैं। गाँव में ऑनरेरी कैप्टन की संख्या तो सैकड़ो में हैं लेकिन प्रमोद राय को गाँव का प्रथम कैप्टन होने का गौरव प्राप्त है उन्होंने बतौर कैप्टन सेना को अब तक 6 महीनों की सेवा दी है। कैप्टन राय की प्रारंभिक शिक्षा गाँव व नजदीकी कस्बे से ही हुई थी उसके बाद उन्होंने सन 1984 में भारतीय सेना को जॉइन किया और देश सेवा में जुट गये। यकीनन एक साधारण सिपाही से कैप्टन का सफर उनके लिए मुश्किल भरा रहा होगा अगले महीने जुलाई में वो अपने पद से सेवानिवृत्त होने वाले हैं। गाँव से शहर का सफर और कर्मचारी से अधिकारी का सफर तय करने में उन्होंने बहुत संघर्ष किया है। समुचित शिक्षा की व्यवस्था ना होने के बाद भी उस समय उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की और साथ ही घर के काम में भी परिवारजनों का ह...

आधुनिक खेती में मील का पत्थर साबित हो रहे इंदुप्रकाश राय

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हमारा गाँव एक कृषि प्रधान गाँव है आलू हमारे गाँव की मुख्य फसल है। आलू की खेती हमारे यहाँ व्यापक पैमाने पर की जाती रही है साथ ही पिछले कुछ वर्षों से गाँव के किसान अन्य सब्जियों की खेती की ओर भी आकृष्ट हुए हैं। आज की खेती आधुनिक संसाधनों के साथ साथ आधुनिक दवाओं और आधुनिक बीजों पर पूरी तरह से निर्भर है। संसाधनों की दृष्टि से भी हमारा गाँव पूरी तरह संपन्न है यहाँ एक से बढ़कर एक किसान हैं जो आधुनिक संसाधनों की मदद से आदर्श खेती करते हैं इन्हीं किसानों में सबसे बड़ा नाम इन्दुप्रकाश राय उर्फ बच्चन राय का है। इंदुप्रकाश राय आलू की खेती बड़े पैमाने पर करते हैं लगभग 60 साल के इंदुप्रकाश राय पिछले 35 सालों से खेती करते आ रहे हैं। श्री राय एक पढ़े-लिखे किसान हैं जिस समय गाँव में कम ही लोग उच्च शिक्षा ग्रहण कर पाते थे उस समय उन्होंने स्नातक की पढ़ाई पूरी की थी पढ़ाई के बाद वो पूरी तरह से खेती-किसानी में ही जुट गये। आज से 20 पहले खेती में इतने संसाधन उपलब्ध नहीं थे, जितने आज हैं। आलू की खेती भी उस समय जटिल हुआ करती थी गाँव के लोग उस समय परम्परागत खेती गेहूँ, चना, जौ, मसूर आदि की ही खेती किया करते...

सेमरा के इन विस्थापितों की सुध लेने वाला कोई नहीं

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आज तक की रिपोर्ट: 4 मार्च, 2017 उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में जहाँ राजनीतिक दल मतदाताओं को रिझाने के लिए अलग-अलग हथकंडे अपना रहे हैं, वहीं गाजीपुर जनपद के मोहमदाबाद तहसील के सेमरा गाँँव के लोगों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। साल 2013 में हुए गंगा के कटान में सेमरा गांव आंशिक रूप से अपना वजूद खो चुका है ऐसे में सेमरावासी विस्थापन का दंश झेलने को मजबूर हैं। कुल विस्थापित 558 लोगों में से 378 लोग पिछले कई सालों से आसपास के प्राइमरी और मिडिल स्कूल में आसरा लिए हुए हैं आज तक की टीम ने ऐसे ही एक स्कूल का जायजा लिया। मिडिल स्कूल के परिसर में खेलते बच्चे सेमरा से विस्थापित हुए परिवारों के हैं। आज कल स्कूल में विधानसभा चुनाव के कारण पढ़ाई का काम स्थगित है आम दिनों में एक क्लास रूम में 3 से 4 परिवार के सदस्यों को गुजर बसर करना पड़ता है। अंदाज़ा लगाइए जब स्कूल चल रहा होता है, तो क्या नज़ारा होता होगा बाहर मैदान में गाय, मुर्गे, बकरी और विस्थापितों के छोटे बच्चे और महिलाएँ बगल में होते होंगे। अब चुनाव में स्कूल खाली करने के फरमान ने इनकी परेशानी में इजाफा कर दिया है ऐसे में सेमरा विस्थाप...

अपने दम पर क्रांति की कूव्वत रखने वाले व्यक्ति : डॉ प्रेमनाथ गुप्ता

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डॉ प्रेमनाथ गुप्ता, गाँव या क्षेत्र का शायद ही ऐसा कोई व्यक्ति होगा, जो इस नाम से परिचित नहीं होगा। लगभग एक दशक से प्रेमनाथ गुप्ता सक्रिय रूप से सेमरा व शिव राय का पुरा के हक़ की लड़ाई लड़ते आ रहे हैं। गाँव के कटान के लिए आंदोलन करने की बात हो या कटान से पीड़ित विस्थापितों को उनका हक़ दिलाने की बात हो, श्री गुप्ता सबसे आगे नजर आते हैं। झोला लटका कर साईकिल की सवारी करने वाले अधेड़ उम्र के प्रेमनाथ गुप्ता ने कई बार जिले के अधिकारियों के पसीने छुड़ा दिये हैं। अपने संगठन 'गाँव बचाओ आंदोलन' के बैनर तले वो लगभग दसियों बार सक्रिय आंदोलन कर चुके हैं तथा हजारों बार विभिन्न अधिकारियों, नेताओं व जनप्रतिनिधियों को पत्रक सौंप चुके हैं। 2014 में नयी सरकार बनने के तुरंत बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा था लेकिन मुख्य सचिव को अग्रसारित करने के बाद भी उस समय इस पत्र पर कोई कारवाई नहीं हो सकी थी। हम अनुमान भी नहीं लगा सकते कि कटान की रोकथाम के लिए उन्होंने कब और किसे न जाने कितने पत्र लिखे हैं। श्री गुप्ता जब अपनी फाइलों को दिखाने लगते है तो ऐसा लगता है कि कई घंटों तक समय दे...

हे गंगा माँ

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संजीव कुमार त्यागी:- माँ कहती थी तेरी लहरें,  माँ के आंचल सी पालेंगी। संकट से हमें बचाएंगी, विपदाओं में सम्भालेंगी। पर आज स्वरूप बदल कर माँ,  तू काल सर्पिणी हो गई क्यों? निज पय से हमें सींचती थी, पर आज भक्षिणी हो गई क्यों? माँ ही रूठी तो कौन सम्भाले, महादेव भी हारे हैं। हैं टूटे सब अवलम्ब जगत के, छूटे सभी सहारे हैं। सब डीह गए डीहवार गए, और शिव का गया शिवाला भी। फिर खेत और खलिहानों के संग, मुँह का गया निवाला भी। सबकुछ तो ले ही लिया जननि, एक छोटा सा उपकार करो। माता विहीन हम पुत्रों की, बस इक विनती स्वीकार करो। 'अब माता हुई कुमाता' जग की, ये भावना तोड़ दो माँ। अन्तिम साँसों तक 'त्यागी' के शिर, छत की छाया छोड़ दो माँ। (कविता के रचनाकार एक श्रेष्ठ लेखक, गीतकार, कवि व आलोचक हैं)

सेमरावासी करेंगे महापंचायत

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सेमरा गाँव को गंगा कटान से बचाने के लिए गाँव के लोग आगामी 30 अप्रैल को एक व्यापक महापंचायत का आयोजन करने जा रहे हैं। सेमरा, शिव राय का पुरा व शेरपुर गाँवों को गंगा कटान से बचाने के लिए गाँव के लोग पिछले दो सप्ताह से गंगा तट पर आंदोलन कर रहे हैं लेकिन शासन-प्रशासन की उदासीनता से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। कल सत्याग्रह के 13वें दिन सर्वसम्मति से एक व्यापक महापंचायत के आयोजन का निर्णय लिया गया। ग्रामीणों ने कहा कि अगर सरकार हमारी माँगे नहीं मानती है तो भविष्य में इस आंदोलन को और व्यापक बनाकर सरकार को नींद से जगाने का काम किया जायेगा इसी परिप्रेक्ष्य में आगामी 30 अप्रैल को महापंचायत के आयोजन का निर्णय लिया गया। इस महापंचायत में सेमरा-शेरपुर के अलावा रामपुर, रेवतीपुर, तिलवां, अठहठा, हरिहरपुर, हसनपुरा, नगसर इत्यादि गाँवों के साथ साथ करईल के गाँवों को भी आमंत्रित किया जायेगा इसके बाद ग्रामीण पदयात्रा करते हुए तहसील तक जायेंगे और प्रशासन के कामकाज को पूरी तरह से ठप करने का काम करेंगे। वहीं दूसरी तरफ सेमरावासियों के इस आंदोलन को पत्रकारिता जगत, समाज-सेवियों व राजनैतिक रूप से...

सरकार की सद्बुद्धि के लिए ग्रामीणों ने किया बुद्धि-शुद्धि यज्ञ

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जन सत्याग्रह के नौवें दिन सेमरा तथा शिव राय का पुरा के ग्रामीणों ने शासन की सद्बुद्धि के लिए बुद्धि-शुद्धि यज्ञ किया। विदित हो कि गाँव के लोग ठोकर निर्माण को लेकर नौ दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलनकारी मांग कर रहे हैं कि सेमरा, शिव राय का पुरा, शेरपुर, बच्छलपुर आदि गाँवों को कटान बचाने के लिए जल्द से जल्द ठोकर का निर्माण और मरम्मत का कार्य शुरू किया जाय ताकि गाँव का अस्तित्व बच सके। यहाँ यह बताना आवश्यक है कि विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी दल के कई दिग्गज नेताओं ने गाँव को कटान से बचाने का वादा किया था लेकिन चुनाव में जीत मिलने के बाद वही नेता गाँव में झांकने तक नहीं आये। अब जबकि बरसात में कुछ ही महीने बचे हैं तो गाँववासियों को गंगा कटान का डर सता रहा है और शासन-प्रशासन को जगाने के लिए उन्होंने मजबूर होकर आंदोलन शुरू किया है। इस मौके पर डॉ. प्रेमनाथ गुप्ता, मनोज राय डब्लू, डॉ. योगेश गुप्ता, योगेन्द्र राय, अशोक राय, ओमप्रकाश राय, कालीशंकर तिवारी, गोपाल तिवारी, चंदन कुमार गुप्ता, पप्पू राय, सर्वदेव पटेल, अखिलेश राय, श्रीगणेश राय आदि लोग उपस्थित रहे। ग्रामवासियों ने कहा कि हमारा ...

सफल रहा महबूब एकेडमी के द्वारा आयोजित स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम

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आज प्राथमिक विद्यालय सेमरा(द्वितीय) के प्रांगण में महबूब एकेडमी द्वारा आयोजित नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण का कार्यक्रम सफल रहा। अपने दादा स्व. बहादुर सिंंह यादव की प्रथम पुण्यतिथि पर सेमरा के शिवानन्द सिंह यादव(हलचल) ने महबूब एकेडमी, यूसुफपुर के सहयोग से इस जाँच शिविर का आयोजन कराया था। इस जाँच शिविर मेें गाँव के लगभग 100 लोगों ने अपनी आँख, बीपी व शुगर की निःशुल्क जाँच करायी। गाँव की युवा मंडली से इस कार्यक्रम में शिवानन्द सिंह यादव के अलावा डॉ. आकाश राय, शुभम राय, संजय गुप्ता, रजनीश राय व सत्यम तिवारी जैसे नौजवान मौजूद रहे। ऐसे लाभप्रद कार्यक्रम के आयोजन के लिए गाँव के युवा बधाई के पात्र हैं।

ग्रामवासियों के सहयोग से विकास मंच ने अग्नि पीड़ितों तक पहुँचायी मदद

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आज सुबह सेमरा विकास मंच के सदस्यों ने शिव राय का पुरा(सेमरा) में पहुँचकर आग से प्रभावित परिवारों तक मदद पहुँचायी। ज्ञात हो कि 3 अप्रैल की शाम को शिव राय का पुरा में भयंकर आग लगी थी जिसमें कई परिवारों के सामान व घर पूरी तरह से जल गये थे। कटान से पीड़ित लोगों के लिए यह दोहरी मार थी। इसके उपरान्त विकास मंच तत्परता दिखाते हुए आगे आया और अपने ग्रामवासियों से पीड़ितों की मदद करने का आह्वान किया जिसके फलस्वरूप गाँव के कई लोग आगे आये थे और आज विकास मंच के तत्वावधान में पीड़ित परिवारों तक बर्तन, तिरपाल आदि जरूरी सामानों की मदद पहुँचायी गयी। विकास मंच की तरफ से इस कार्यक्रम में चंदन कुमार गुप्ता, शिवानंद सिंह यादव हलचल, समीर कुमार राय, आकाश राय, शुभम राय, संजय गुप्ता, रजनीश राय, आनंद तिवारी, सुमित राय व सुजीत यादव उपस्थित रहे। ग्रामवासियों के आपसी सहयोग, भाईचारे व सहृदयता का यह पूरा कार्यक्रम एक उत्कृष्ट उदाहरण रहा।

सेमरा के ब्यथा

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तारकेश्वर राय तारक:- सेमरा गोहरावता आपने दुलरूवन के, ओकर माटी में जनमल पहरुवन के। सुन ल आज नाही त सुनब कहिया, बड़ा आस से देखता तोहरे रहिया। सुनला बचवा ब्यथा अपना गाँँव के, माटी जनमल, पहचान ही तोहरा नांव के। एकर माटी लपटाईल तोहरा देह से, अब एकर वजूद बाँची खाली रउरे नेह से। देखते देखत त आधा ओरा गईल, रहिया देखत त ई पानी में बोरा गईल। आन्हर भईल बा ई प्रशासन, बहीर भईल, गोहार नइखे सुनत शासन। करब इन्तजार जबले ना बुड़ जाव, निहोरा बा सबसे अबो सब जुड़ जाव। समवेत स्वर जब उठी समाज से, हर तबका छोट-बड़ पूजा-नमाज से। कड़ा बिरोध जब प्रसाशन सुनी, होखी आदेश काम होखी दूनो जूनी। ट्वीटर पर आज ट्वीट के आंधी बहे, जे जहाँ बा ओहिजे से जरूर कुछ कहे। जंगे आजादी में हमरो बा लागल खून, माई गंगा के तांडव क देइ एके सुन। रउवा सहयोग के बा खूबे दरकार, शहीदी गाँव के बचा लेईं ए सरकार। (कविता के रचनाकार एक श्रेष्ठ लेखक व कवि हैं तथा भोजपुरी भाषा को समृद्ध बनाने के लिए निरन्तर प्रयासरत हैं)

गाँव की गलियों पर भी नजरें इनायत करिए प्रधान जी

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शेरपुर ग्राम पंचायत का इतिहास भव्य व गौरवशाली रहा है लेकिन स्वर्णिम अतीत का स्वामी होने के बावजूद भी शेरपुर आज विकास की प्रतिस्पर्धा में बाकी गाँवों से निरन्तर पिछड़ता जा रहा है। एक तरफ शेरपुर ग्राम पंचायत के सेमरा व शिव राय का पुरा गाँवों का अस्तित्व गंगा कटान से खत्म होने की कगार पर है तो वहीं पंचायत के हर गाँव की सड़कें व गलियाँ भारी उपेक्षा की शिकार हैं। चारों तरफ की बजबजाती नालियाँ व टूटी सड़कें इस बात की गवाह हैं कि ये पंचायत आगे जाने की बजाय अनवरत् पीछे ही जा रही है। शेरपुर कलाँ, शेरपुर खुर्द, सेमरा, शिव राय का पुरा, बच्छलपुर आदि किसी भी गाँव में ना सफाईकर्मी सफाई करने आते हैं, ना गाँवों के किसी चौराहे पर स्ट्रीट लाइट है और ना ही गाँव के लोगों के चलने के लिए ढंग की गलियाँ हैं। ऐसी भी बात नहीं है कि सरकार ने इस पंचायत के विकास के लिए पर्याप्त धनराशि नहीं दी है। आँकड़े बताते हैं कि भौगोलिक रूप से विशाल इस शेरपुर पंचायत को विकसित बनाने के लिए सरकार ने पर्याप्त धनराशि दी है और साल दर साल बजट में बढ़ोत्तरी ही हुई है लेकिन जमीन पर क्या काम हुआ है ये गाँवों में आकर स्पष्ट देखा जा सक...

खानाबदोश जीवन जीने को मजबूर कटान पीड़ित

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आज तक की रिपोर्ट: 18 मई, 2016 पहली मई की दोपहर पूर्वी उत्तर प्रदेश के आखिरी छोर पर स्थित बलिया लोकसभा क्षेत्र के हैबतपुर इलाके में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी उज्ज्वला योजना का आगाज कर रहे थे वहीं हैबतपुर से करीब 50 किलोमीटर दूर सेमरा गाँव के सरकारी स्कूलों में शरणार्थी के तौर पर रह रहे 500 परिवार अपनी अंधकार भरी जिंदगी से जंग लड़ रहे थे। इन्हीं में से एक 45 वर्षीया अंजू देवी हैं। गाजीपुर जिले से 30 किलोमीटर दूर मुहम्मदाबाद तहसील के गाँव शिव राय का पुरा की अंजू के पति की छह साल पहले मौत हो गई थी लेकिन उन पर उस वक्त दुखों का पहाड़ टूट पड़ा जब जून 2013 में गंगा में आई बाढ़ और कटान में उनका घर और पाँच बीघा जमीन सब पानी में समा गये। बेसहारा अंजू नदी के दूसरे छोर पर स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय सेमरा में पिछले तीन साल से अपने दो बच्चों के साथ शरणार्थी बनी हुई हैं। इससे कुछ दूरी पर स्थित सेमरा प्रथम का प्राइमरी स्कूल पहली नजर में पूरी तरह शरणार्थी कैंप नजर आता है स्कूल के सबसे बड़े कमरे में पाँचवीं की कक्षाएँ चलती थीं पर अब इसमें 50 वर्षीय राजेन्द्र पटेल ...

कहानी सेमरा की

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सेमरा की भयावह स्थिती पर नजदीक से प्रकाश डाल रहे हैं  समीर कुमार राय- अस्तित्व खोने की कगार पर खड़ी देश की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत: भारत की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत शेरपुर आज गंगा कटान से बुरी तरह त्रस्त है। शहीदों की ये धरती आज अपने अस्तित्व के लिए हर क्षण संघर्ष कर रही है। शेरपुर ग्राम पंचायत के सेमरा व शिव राय का पुरा गाँव का अस्तित्व लगभग खत्म होने की कगार पर है। लगभग 10000 की आबादी वाले सेमरा गाँव की हजारों एकड़ भूमि व सैकड़ों घर गंगा में विलीन हो चुके हैं शिव राय का पुरा में तो दो-चार घर ही बचे हैं वहीं सेमरा का भी आधा से ज्यादा भाग बह चुका है। बद से बदतर होती गाँव की स्थिती: सेमरा की हालत ऐसी है कि आप कभी कल्पना भी नहीं कर सकते। कटान में घर गिरने के बाद जिनके पास जमीन बची थी उन्होंने तो जैसे तैसे झुग्गी झोपड़ी डालकर अपने रहने की व्यवस्था कर ली, जिनके पास पैसे थे और जमीन नहीं थी वो दूसरे गाँवों में जमीन खरीदकर बस गये लेकिन उन बेसहारों का क्या जिनके पास न तो जमीन है और न पैसे हैं आज पाँच सालों से ऐसे लोग दर-बदर की ठोकरें खा रहे हैं। कभी सेमरा के प्राथमिक विद्यालय म...

क्रांतिकारी विचारों के धनी थे बद्री राय

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समीर कुमार राय- आईए जानते हैं गाँव के एक ऐसे इंसान के बारे में जिनके अंदर साहस और देशभक्ति की भावना कूट-कूटकर भरी हुई थी तथा जिन्होंने अपने विचारों और सिद्धांतो से कभी समझौता नहीं किया। सेमरा के ही रहने वाले श्री बद्री राय बंगाल पुलिस में कार्यरत थे और अभी देश आजाद नहीं हुआ था लेकिन पूरे देश में क्रांति की लहरें धधक रही थी। बच्चे, बूढ़े और युवा देश की आजादी के लिए निरन्तर संघर्षरत थे। उस समय गाँव के बहुत सारे लोग बंगाल पुलिस में सेवारत थे। बारीसाल, जो कि आज बांग्लादेश का अंग है, में बद्री राय की पोस्टिंग थी। उसी समय अग्रेजों ने कुछ क्रांतिकारियों को पकड़ लिया और बद्री राय को ही उनके ऊपर गोली चलाने का आदेश दिया गया। अपने ही देश के लिए लड़ रहे अपने ही भाईयों पर गोली चलाना उन्हें स्वीकार नहीं था अत: उन्होंने हवा में फायर किया। पास में ही अंग्रेज हाकिम बैठा था उसने सोचा कि शायद गलती से हो गया होगा लेकिन तीन बार जब यही बात हुई तो कड़कती आवाज में उसने इसका कारण पूछा। श्री राय ने साफ शब्दों में कहा कि चाहे कुछ भी हो जाय वो अपने ही भाईयों पर कत्तई गोली नहीं चला सकते। उनकी इस गुस्ताखी की स...

बाइस्कोप

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गुजरे जमाने के गाँवों के सिनेमा यानि बाइस्कोप की यादें ताजा कर रहे हैं हरेराम राय- हमारे गाँव में पुराने जमाने में भी कभी-कभी गंवई लोग सिनेमा से रुबरू हुआ करते थे। सिनेमा कोई आज के जमाने की नई चीज थोड़े है ये तो वर्षो से चला आ रहा है। पुराने जमाने में सिनेमा खुद बखुद गाँव के गली-गली तक फैला हुआ था ये बात अलग है कि आधुनिक सिनेमा की पहुँच उस कदर नहीं है जिस उत्साह और उमंग के साथ पुराने ज़माने के लोग सिनेमा देखते थे। आइये परिचय कराते हैं कि गुजरे जमाने में गाँवों का सिनेमा कैसा होता था। जी हाँ उसे लोग बाइस्कोप कहा करते थे दादा परदादा के जमाने में बाइस्कोप देख कर लोग मनोरंजन किया करते थे। बाइस्कोप वाला लोगों को बाइस्कोप देखने के लिये बोलता जाता था- "दिल्ली का कुतुबमीनार देखो, पटना का गोलघर देखो, नौ मन की बुलाकी देखो, देखो जी देखो बाइस्कोप देखो। देखो, देखो, देखो, देखो, दिल्ली का कुतुबमीनार देखो, आगरे का ताजमहल, बम्बई का बाजार देखो, देखो, देखो, देखो…" बाइस्कोप में चित्र श्रृंखला के माध्यम से कथा दिखाई जाती थी और इस यंत्र को चलाने वाला उस कथा को गाकर सुनाता था। ...

गाँव की उपेक्षा भाजपा को पड़ सकती है भारी

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भारतीय जनता पार्टी आज केंद्र और प्रदेश दोनों की सत्ता पर काबिज़ है। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मुहम्मदाबाद की विधायक अलका राय के समर्थन में आयोजित एक सभा में केंद्रीय संचार व रेल राज्यमंत्री तथा गाजीपुर के सांसद मनोज सिन्हा ने सेमरा-शिव राय का पुरा के लोगों से स्पष्ट तौर पर वादा किया था कि वो किसी भी कीमत पर गाँव को गंगा कटान से बचायेंगे लेकिन आज इस बात को एक साल बीतने के बाद भी उनकी तरफ से कुछ पहल नहीं की गयी यहाँ तक कि उन्होंने एक बार गाँव में आना भी ठीक नहीं समझा। मुहम्मदाबाद की विधायक अलका राय भी गाँव के कटान के मुद्दे पर अब तक कुछ नहीं कर सकीं। बताते चलें कि विधानसभा चुनाव में ही अलका राय के समर्थन में बैजलपुर में आयोजित एक जनसभा में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने गंगा कटान रोकने को अपनी पहली प्राथमिकता बतायी थी। अलका राय भी जीत गयीं और सरकार भी बन गयी लेकिन वो वादा पूरा न हो सका जो गाँव से किया गया था। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी आज से कुछ साल पहले जब वो केंद्र की सत्ता में नहीं थे, तब वादा किया था कि सत्ता में आकर वो कटान को रोकने के लिए उचित कदम...

उप्र पुलिस सिपाही भर्ती की प्रक्रिया शुरू, गाँव के मेहनती युवाओं के लिए सुनहरा मौका

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उत्तर प्रदेश पुलिस की बहुप्रतीक्षित सिपाही भर्ती का नॉटिफिकेशन उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के द्वारा जारी कर दिया गया है। 22 जनवरी से इच्छुक उम्मीदवार अपना आवेदन ऑनलाइन कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन 22 जनवरी से 22 फरवरी तक किया जा सकता है। प्रदेश में नयी सरकार बनने के बाद युवा इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे थे सरकार बनने के लगभग 10 महीनों के बाद ये विज्ञप्ति जारी की गयी है। इस पूरी भर्ती प्रक्रिया को इसी साल तक खत्म करने की सरकार की योजना है। बताते चलें कि 23520 नागरिक पुलिस व 18000 पीएसी कांस्टेबलों की विज्ञप्ति सरकार ने जारी की है फिलहाल ये तय नहीं है कि ये परीक्षा ऑनलाइन होगी या ऑफलाइन लेकिन उम्मीद है कि इस परीक्षा का आयोजन मई-जून में किया जायेगा उसके बाद नियमानुसार अभ्यर्थीयों का मेडिकल और उसके बाद दौड़ होगी अंत में लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर नियुक्ति की जायेगी। गाँव की बात करें तो पिछले एक दशक से गाँव की नयी पीढ़ी खेती की तरफ भागती जा रही है। खेती-किसानी की हालत तो सब जानते हैं खेती में किसानों को कभी कभी लागत मूल्य के बराबर भी मूल्य नहीं मिलता...

गाँव की बेटी ने किया गाँव का नाम रोशन

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सेमरा(शिव राय का पुरा) की रहने वाली अपर्णा राय ने अपने पहले ही प्रयास में राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा(NET) उत्तीर्ण करके गाँव का नाम रोशन किया है। नवंबर, 2017 में हुई नेट की परीक्षा को उन्होंने 64.57 प्रतिशत अंको के साथ हिंदी विषय से उत्तीर्ण किया है। वो जेआरएफ की मेरिट से बस थोड़ी ही पीछे हैं ज्ञात हो कि उनका यह पहला प्रयास था साथ ही बिना किसी कोचिंग क्लास से तैयारी किये सिर्फ अपने बलबूते उन्होंने ये कामयाबी हासिल की है जो कि बहुत बड़ी बात है। उनकी प्रारंभिक शिक्षा गाँव से ही हुई है उन्होंने स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई राजकीय महाविद्यालय, मुहम्मदाबाद से ही की है। बिना किसी कोचिंग के घर पर ही तैयारी करके नेट की परीक्षा उत्तीर्ण करना एक बड़ी उपलब्धि है। अपर्णा जनार्दन राय की तीसरी पुत्री हैं वह अपनी कामयाबी का श्रेय अपने गुरूजनों और अपने माता-पिता को देती हैं। अपर्णा के शब्दों में, "शुरू शुरू में मुझे डर लगता था कि मैं ये कर पाऊँगी या नहीं। लोग कहते थे कि बिना किसी कोचिंग के ये करना असंभव है लेकिन मुझे दिखाना था कि मैं घर पर ही रहकर इसे कर सकती हूँ और मैंने अपने गुरूजनों क...

सेमरा पर भारी है अगली बरसात

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सेमरा गंगा कटान के वैज्ञानिक कारणों और उससे बचाव के उपायों पर समीक्षा कर रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार राधेश्याम राय- गाँव के प्रति सरकार का उदासीन रवैया और कटान के मूल कारण: सेमरा को बचाने के लिए आधे अधूरे मन से बनते बिगड़ते ठोकर ठेकेदारों की जेब तो भर सकते हैं लेकिन सेमरा का अस्तित्व नहीं बचा सकते और अगर इस गाँव को बचाने की सरकारी रफ्तार यही रही तो अगली बरसात में सेमरा का अस्तित्व बच पाएगा या नहीं कहना मुश्किल है। मैं ये बात आप लोगों को चौंकाने के लिए नहीं बल्कि शक्करपुर और गहमर के बीच गंगा के बहाव और गंगा की धारा में तीखे मोड़ के विश्लेषण और इस विषय के जानकारों से विमर्श के बाद लिख रहा हूँ। गंगा गाजीपुर में काशी की तरह ही उत्तरवाहिनी होकर बहती है इसीलिए गाधिपुरी को लहुरी काशी भी कहा जाता है लेकिन यही गंगा शक्करपुर के पास पहुंचते ही अचानक तीखा मोड़ लेते हुए दक्षिणवाहिनी हो जाती है। गंगा के प्रवाह का ये क्रम गहमर तक जारी रहता है, जहाँ से गंगा की धारा तकरीबन समकोण पर पूरब दिशा में बहनी शुरु होती है लेकिन यहीं गंगा के प्रवाह में अचानक अवरोध उत्पन्न होता है जो शक्करपुर-गहमर के बीच के प्र...