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Showing posts from 2019

सेमरा गाँव की डॉ प्रियंका कुमारी राय बनीं असिस्टेंट प्रोफेसर

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सेमरा निवासी डॉ प्रियंका कुमारी राय का चयन हिंदी विषय के असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर हुआ है. ऐसी सफलता हासिल करके उन्होंने सभी ग्रामवासियों को गौरवान्वित होने का अवसर दिया है. डॉ प्रियंका का चयन ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के बीआरबी कॉलेज में हुआ है. उनका शोध-कार्य काशी हिंदू विश्वविद्यालय से 'ग्रामीण जीवन का बदलता स्वरूप और शिवमूर्ति का कथा साहित्य' नामक विषय पर हुआ है. बड़ी बात यह है कि उनके पति डॉ अजीत कुमार राय भी असिस्टेंट प्रोफेसर हैं जो वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा के सरदार वल्लभभाई पटेल कॉलेज में नियुक्त हैं. गौरतलब है कि डॉ अजीत को गिरमिटिया मजदूरों और भारतीय प्रवासन से संबंधित कार्यों के लिए भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद और मॉरीशस के राष्ट्रपति द्वारा पोर्ट लुईस में सम्मानित भी किया जा चुका है. डॉ प्रियंका कुमारी राय डॉ अजीत कुमार राय गाँव के इतिहास में यह अभूतपूर्व है कि एक ही परिवार के और वो भी पति-पत्नी दोनों ही प्रोफेसर के पद पर हैं. डॉ प्रियंका गाँव के श्री वंश नारायण राय और श्रीमती प्रेमशीला राय की पुत्रवधू हैं. अपने पुत्र-पुत्रवधू को आ...

गंगा में गिरते-डूबते गाँव की कहानी

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समीर कुमार राय:- वो 4 जुलाई का दिन था, आसमान में सूरज सर के ठीक ऊपर था, गाँव में उस रोज़ गंगा की लहरें अपने पूरे शबाब पर थीं और लगातार चिंघाड़े जा रही थीं शायद यह चेतावनी थी कि आज आने वाले सैलाब में कई ज़िन्दगियाँ बिखर जाने वाली हैं। हमारा गाँव; नसीब का मारा हुआ गाँव, अभागा गाँव या बदनसीब लोगों का गाँव धीरे-धीरे हर साल थोड़ा-थोड़ा उजड़ रहा था। हर बरसात में गंगा नदी गाँव आती थी, गाँव के लोगों पर जमकर कहर बरपाती थी और उनकी गृहस्थी तबाह करके लौट जाती थी। गंगा की लहरों ने पहले गाँव के सामने के खेतों को निगल लिया उसके बाद भी जब उनकी भूख शांत नहीं हुई तो उसने गाँव के घरों को निगलना शुरू कर दिया। गंगा की कटान से अब तक 25-30 घर अपना वजूद खो चुके थे लेकिन हमें कतई अंदाज़ा नहीं था कि हमारा नंबर भी अब आने वाला है। उस दिन से एक साल पहले भी कटान हुई थी उस रोज़ ही ऐसा लगा कि हमारा घर अब नहीं बचेगा लेकिन पिछले साल घर के बिल्कुल सामने आकर कटान रूक गयी। एक साल तक हम लोग गंगा की गोद में पले और ये भूल गये कि अगले साल फिर तबाही होगी, फिर से कटान शुरू होगी और फिर से गाँव के घर गंगा में समाएँगे। गाँ...

गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी जारी, ग्रामीण सशंकित

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गंगा के जलस्तर में पिछले एक हफ्ते से लगातार बढ़ोत्तरी जारी है कल शाम तक गंगा के जलस्तर में एक सेमी प्रति घंटे की वृद्धि हो रही थी। प्रयागराज और वाराणसी में भी अभी गंगा बढ़ाव पर ही है इसलिए पानी घटने के अभी कोई आसार नहीं हैं। कटान प्रभावित सेमरा-शिव राय का पुरा गाँव में अब ठोकर का कार्य लगभग बंद हो चुका है। शिव राय का पुरा में ठोकर को आखिरी रूप देने में कुछ ही काम बाकी है लेकिन शिव मंदिर के पास प्रस्तावित ठोकर का कार्य इस साल भी अधूरा ही रह गया। वहीं गाँव के बीच में दीनानाथ राय के घर के पास ठोकर का काम बहुत पहले ही पूरा हो चुका है पिछले कुछ दिनों से वहाँ पर एहतियातन मिट्टी डाली जा रही है। गाँव के पश्चिमी छोर की बात की जाय तो वहाँ भी इस साल कार्य संतोषजनक हुआ लेकिन अभी काफी कुछ काम बाकी रह गया जिसे बरसात के बाद पूरा किये जाने की उम्मीद है। इक्का-दुक्का ट्रक अभी भी पत्थर लेकर गाँव में आ रहे हैं। पिछले सालों की अपेक्षा इस साल सेमरा में ठोकर का काम अच्छा हुआ है लेकिन गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण ग्रामवासी अपने भविष्य और अपने अस्तित्व को लेकर सशंकित हैं।

नहीं रहीं शेरपुर की ग्राम प्रधान मंजू देवी

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शेरपुर ग्राम पंचायत की ग्राम प्रधान श्रीमती मंजू देवी(55) का आज सुबह स्वर्गवास हो गया। उनको हृदय से संबंधित बीमारी थी लगभग दो साल पहले भी उनकी तबीयत अचानक खराब हो गयी थी हाँलाकि उस समय इलाज के बाद वह स्वस्थ हो गयी थीं लेकिन कुछ दिन पहले उनकी तबीयत फिर से बिगड़ गयी जिसके बाद परिजन उन्हें दिल्ली के मेदांता अस्पताल में इलाज के लिए ले गये थे। आज सुबह 9 बजे अस्पताल में ही उन्होंने आखिरी साँस ली। इस खबर को सुनते ही पूरे पंचायत में शोक की लहर दौड़ गयी चट्टी-चौराहे से लोकर सोशल मीडिया तक लोग इस दुःखद घटना पर लगातार शोक प्रकट कर रहे हैं और प्रधान जी के परिजनों को ढांढ़स बँधा रहे हैं।

सेमरा में ठोकर मरम्मत का कार्य गति पर

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सेमरा व शिव राय का पुरा में टूटे हुए ठोकर की मरम्मत व नये ठोकर का निर्माण कार्य इस बार सही ढंग से चल रहा है जिसके कारण ग्रामीणों ने राहत की साँस ली है। साल 2018 में गर्मी के मौसम में लगभग डेढ़ महीने के व्यापक आंदोलन के बाद गाँव में ठोकर का काम शुरू हुआ था। पिछली साल काम बहुत देर से शुरू हुआ और फिर गंगा का जलस्तर बढ़ जाने पर काम रूक भी गया लेकिन संयोग अच्छा था कि बीते साल कटान नहीं हुई और गाँव बच गया। गाँव में जिन जगहों पर पुराना ठोकर क्षतिग्रस्त हुआ था उन जगहों पर ठोकर मरम्मत का कार्य जारी है वहीं गाँव के पश्चिम व पूर्व में नये सिरे से ठोकर का निर्माण कार्य चल रहा है। गाँव के बीच में दीनानाथ राय के घर के पास तो ठोकर की मरम्मत का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। रामतुलाई में बन रहे ठोकर की गति पहले मद्धम थी लेकिन पिछले कुछ दिनों से इसकी गति संतोषजनक है अगर इसी तरह से काम चलता रहा तो उम्मीद है कि नियत समय पर ठोकर का काम पूरा हो जायेगा। गाँव के लोगों को भी इस बात की खुशी है कि इस बार सही समय पर ठोकर का काम शुरू हो गया और उन्हें ये भी उम्मीद है कि अब सेमरा व शिव राय का पुरा का अस्तित्व ख...