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Showing posts from June, 2018

सेमरा गाँव की डॉ प्रियंका कुमारी राय बनीं असिस्टेंट प्रोफेसर

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सेमरा निवासी डॉ प्रियंका कुमारी राय का चयन हिंदी विषय के असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर हुआ है. ऐसी सफलता हासिल करके उन्होंने सभी ग्रामवासियों को गौरवान्वित होने का अवसर दिया है. डॉ प्रियंका का चयन ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के बीआरबी कॉलेज में हुआ है. उनका शोध-कार्य काशी हिंदू विश्वविद्यालय से 'ग्रामीण जीवन का बदलता स्वरूप और शिवमूर्ति का कथा साहित्य' नामक विषय पर हुआ है. बड़ी बात यह है कि उनके पति डॉ अजीत कुमार राय भी असिस्टेंट प्रोफेसर हैं जो वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा के सरदार वल्लभभाई पटेल कॉलेज में नियुक्त हैं. गौरतलब है कि डॉ अजीत को गिरमिटिया मजदूरों और भारतीय प्रवासन से संबंधित कार्यों के लिए भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद और मॉरीशस के राष्ट्रपति द्वारा पोर्ट लुईस में सम्मानित भी किया जा चुका है. डॉ प्रियंका कुमारी राय डॉ अजीत कुमार राय गाँव के इतिहास में यह अभूतपूर्व है कि एक ही परिवार के और वो भी पति-पत्नी दोनों ही प्रोफेसर के पद पर हैं. डॉ प्रियंका गाँव के श्री वंश नारायण राय और श्रीमती प्रेमशीला राय की पुत्रवधू हैं. अपने पुत्र-पुत्रवधू को आ...

कैप्टन प्रमोद राय : शून्य से शिखर तक

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हमारे गाँव में बहुत से ऐसे मेहनती लोग हैं जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में बिना किसी वाह्य मदद के अपने बलबूते पहचान बनायी है, कैप्टन प्रमोद राय का नाम उनमें से एक है। कैप्टन राय ने भारतीय सेना में लगभग 34 साल तक अपनी सेवा दी है, जो कि बड़ी बात है। कैप्टन राय का नाम यहाँ इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वो गाँव के पहले कैप्टन हैं। गाँव में ऑनरेरी कैप्टन की संख्या तो सैकड़ो में हैं लेकिन प्रमोद राय को गाँव का प्रथम कैप्टन होने का गौरव प्राप्त है उन्होंने बतौर कैप्टन सेना को अब तक 6 महीनों की सेवा दी है। कैप्टन राय की प्रारंभिक शिक्षा गाँव व नजदीकी कस्बे से ही हुई थी उसके बाद उन्होंने सन 1984 में भारतीय सेना को जॉइन किया और देश सेवा में जुट गये। यकीनन एक साधारण सिपाही से कैप्टन का सफर उनके लिए मुश्किल भरा रहा होगा अगले महीने जुलाई में वो अपने पद से सेवानिवृत्त होने वाले हैं। गाँव से शहर का सफर और कर्मचारी से अधिकारी का सफर तय करने में उन्होंने बहुत संघर्ष किया है। समुचित शिक्षा की व्यवस्था ना होने के बाद भी उस समय उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की और साथ ही घर के काम में भी परिवारजनों का ह...

आधुनिक खेती में मील का पत्थर साबित हो रहे इंदुप्रकाश राय

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हमारा गाँव एक कृषि प्रधान गाँव है आलू हमारे गाँव की मुख्य फसल है। आलू की खेती हमारे यहाँ व्यापक पैमाने पर की जाती रही है साथ ही पिछले कुछ वर्षों से गाँव के किसान अन्य सब्जियों की खेती की ओर भी आकृष्ट हुए हैं। आज की खेती आधुनिक संसाधनों के साथ साथ आधुनिक दवाओं और आधुनिक बीजों पर पूरी तरह से निर्भर है। संसाधनों की दृष्टि से भी हमारा गाँव पूरी तरह संपन्न है यहाँ एक से बढ़कर एक किसान हैं जो आधुनिक संसाधनों की मदद से आदर्श खेती करते हैं इन्हीं किसानों में सबसे बड़ा नाम इन्दुप्रकाश राय उर्फ बच्चन राय का है। इंदुप्रकाश राय आलू की खेती बड़े पैमाने पर करते हैं लगभग 60 साल के इंदुप्रकाश राय पिछले 35 सालों से खेती करते आ रहे हैं। श्री राय एक पढ़े-लिखे किसान हैं जिस समय गाँव में कम ही लोग उच्च शिक्षा ग्रहण कर पाते थे उस समय उन्होंने स्नातक की पढ़ाई पूरी की थी पढ़ाई के बाद वो पूरी तरह से खेती-किसानी में ही जुट गये। आज से 20 पहले खेती में इतने संसाधन उपलब्ध नहीं थे, जितने आज हैं। आलू की खेती भी उस समय जटिल हुआ करती थी गाँव के लोग उस समय परम्परागत खेती गेहूँ, चना, जौ, मसूर आदि की ही खेती किया करते...

सेमरा के इन विस्थापितों की सुध लेने वाला कोई नहीं

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आज तक की रिपोर्ट: 4 मार्च, 2017 उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में जहाँ राजनीतिक दल मतदाताओं को रिझाने के लिए अलग-अलग हथकंडे अपना रहे हैं, वहीं गाजीपुर जनपद के मोहमदाबाद तहसील के सेमरा गाँँव के लोगों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। साल 2013 में हुए गंगा के कटान में सेमरा गांव आंशिक रूप से अपना वजूद खो चुका है ऐसे में सेमरावासी विस्थापन का दंश झेलने को मजबूर हैं। कुल विस्थापित 558 लोगों में से 378 लोग पिछले कई सालों से आसपास के प्राइमरी और मिडिल स्कूल में आसरा लिए हुए हैं आज तक की टीम ने ऐसे ही एक स्कूल का जायजा लिया। मिडिल स्कूल के परिसर में खेलते बच्चे सेमरा से विस्थापित हुए परिवारों के हैं। आज कल स्कूल में विधानसभा चुनाव के कारण पढ़ाई का काम स्थगित है आम दिनों में एक क्लास रूम में 3 से 4 परिवार के सदस्यों को गुजर बसर करना पड़ता है। अंदाज़ा लगाइए जब स्कूल चल रहा होता है, तो क्या नज़ारा होता होगा बाहर मैदान में गाय, मुर्गे, बकरी और विस्थापितों के छोटे बच्चे और महिलाएँ बगल में होते होंगे। अब चुनाव में स्कूल खाली करने के फरमान ने इनकी परेशानी में इजाफा कर दिया है ऐसे में सेमरा विस्थाप...