सेमरा गाँव की डॉ प्रियंका कुमारी राय बनीं असिस्टेंट प्रोफेसर

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सेमरा निवासी डॉ प्रियंका कुमारी राय का चयन हिंदी विषय के असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर हुआ है. ऐसी सफलता हासिल करके उन्होंने सभी ग्रामवासियों को गौरवान्वित होने का अवसर दिया है. डॉ प्रियंका का चयन ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के बीआरबी कॉलेज में हुआ है. उनका शोध-कार्य काशी हिंदू विश्वविद्यालय से 'ग्रामीण जीवन का बदलता स्वरूप और शिवमूर्ति का कथा साहित्य' नामक विषय पर हुआ है. बड़ी बात यह है कि उनके पति डॉ अजीत कुमार राय भी असिस्टेंट प्रोफेसर हैं जो वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा के सरदार वल्लभभाई पटेल कॉलेज में नियुक्त हैं. गौरतलब है कि डॉ अजीत को गिरमिटिया मजदूरों और भारतीय प्रवासन से संबंधित कार्यों के लिए भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद और मॉरीशस के राष्ट्रपति द्वारा पोर्ट लुईस में सम्मानित भी किया जा चुका है. डॉ प्रियंका कुमारी राय डॉ अजीत कुमार राय गाँव के इतिहास में यह अभूतपूर्व है कि एक ही परिवार के और वो भी पति-पत्नी दोनों ही प्रोफेसर के पद पर हैं. डॉ प्रियंका गाँव के श्री वंश नारायण राय और श्रीमती प्रेमशीला राय की पुत्रवधू हैं. अपने पुत्र-पुत्रवधू को आ...

सेमरा-शहनिन्दा मार्ग की मरम्मत कब?

शहनिन्दा से होकर सेमरा व शिव राय का पुरा तक जाने वाली सड़क की स्थिती पिछले कई सालों से बहुत दयनीय है। साल 2013 में आयी बाढ़ से ये सड़क जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गयी थी जिसे किसी भी तरह से मरम्मत करके आने-जाने लायक बना दिया गया उसके बाद फिर 2016 में जब दोबारा बाढ़ आयी तो इस सड़क का हाल पहले से भी खराब हो गया और अब हाल यह है कि इस सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल है।


शहनिन्दा से चलने के बाद मठिया के पास, जीयनदासपुर गाँव में और साधु की कुटी आदि जगहों पर तो सड़क इतनी खराब है कि इन जगहों पर कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना घट सकती है लेकिन बावजूद इसके प्रशासन और जनप्रतिनिधि हाथ पर हाथ धरे बैठे हुए हैं।


पिछले साल जब प्रदेश में नयी सरकार बनी थी तो गाँव के लोगों को आस बंधी थी कि ये सड़क भी गड्ढामुक्त हो ही जायेगी लेकिन धीरे-धीरे ये आस भी टूट रही है। पिछले दिनों खबर मिली थी कि इस सड़क के निर्माण के लिए निविदा जारी की जा चुकी है इस खबर के महीनों बाद भी सड़क निर्माण के आसार दूर-दूर तक नहीं दिखते जिसके कारण ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। सेमरा निवासी उमेश सिंह यादव कहते हैं कि गाँँव से मुहम्मदाबाद जाने वाली सड़क की हाल बहुत ही बदहाल है लगता है पूरे प्रदेश में इससे खराब और बदतर कोई सड़क नहीं है। पता नही जनप्रतिनिधियों द्वारा इसकी मरम्मत कब कराई जाएगी हम लोग इसी तरह से कब तक बदहाली झेलते रहेंगे। इसी तरह से मनोज राय कहते हैं कि सड़क का निर्माण तभी होगा जब सारा गाँव सड़क पर होगा। दूसरी तरफ चंदन कुमार गुप्ता व्यंग्य करते हुए कहते हैं कि अब सड़क चुनाव के समय ही बनेगी। इसी तरह से समीर कुमार राय कहते हैं कि सड़क पर चल के जब शहनिन्दा पहुँचते हैं तो ऐसा लगता है कि कमर अब जवाब दे देगी। अब लगता है इस सड़क को बनाने के लिए गाँव को महीनो आंदोलन करना पड़ेगा जैसे ठोकर के लिए किया गया था।

कई सालों से बदहाल सड़क पर चलते-चलते लोगों का धैर्य अब समाप्त हो रहा है देखना यह है कि सरकार इस मुद्दे को कितनी गंभीरता से लेती है। अगर सड़क की मरम्मत का कार्य जल्द नहीं शुरू किया गया तो आने वाले चुनाव में इसका परिणाम भी दिख सकता है, इसका ध्यान भी जनप्रतिनिधियों को रखना चाहिए।

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