सेमरा गाँव की डॉ प्रियंका कुमारी राय बनीं असिस्टेंट प्रोफेसर

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सेमरा निवासी डॉ प्रियंका कुमारी राय का चयन हिंदी विषय के असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर हुआ है. ऐसी सफलता हासिल करके उन्होंने सभी ग्रामवासियों को गौरवान्वित होने का अवसर दिया है. डॉ प्रियंका का चयन ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के बीआरबी कॉलेज में हुआ है. उनका शोध-कार्य काशी हिंदू विश्वविद्यालय से 'ग्रामीण जीवन का बदलता स्वरूप और शिवमूर्ति का कथा साहित्य' नामक विषय पर हुआ है. बड़ी बात यह है कि उनके पति डॉ अजीत कुमार राय भी असिस्टेंट प्रोफेसर हैं जो वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा के सरदार वल्लभभाई पटेल कॉलेज में नियुक्त हैं. गौरतलब है कि डॉ अजीत को गिरमिटिया मजदूरों और भारतीय प्रवासन से संबंधित कार्यों के लिए भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद और मॉरीशस के राष्ट्रपति द्वारा पोर्ट लुईस में सम्मानित भी किया जा चुका है. डॉ प्रियंका कुमारी राय डॉ अजीत कुमार राय गाँव के इतिहास में यह अभूतपूर्व है कि एक ही परिवार के और वो भी पति-पत्नी दोनों ही प्रोफेसर के पद पर हैं. डॉ प्रियंका गाँव के श्री वंश नारायण राय और श्रीमती प्रेमशीला राय की पुत्रवधू हैं. अपने पुत्र-पुत्रवधू को आ...

उप्र पुलिस सिपाही भर्ती की प्रक्रिया शुरू, गाँव के मेहनती युवाओं के लिए सुनहरा मौका

उत्तर प्रदेश पुलिस की बहुप्रतीक्षित सिपाही भर्ती का नॉटिफिकेशन उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के द्वारा जारी कर दिया गया है। 22 जनवरी से इच्छुक उम्मीदवार अपना आवेदन ऑनलाइन कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन 22 जनवरी से 22 फरवरी तक किया जा सकता है।

प्रदेश में नयी सरकार बनने के बाद युवा इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे थे सरकार बनने के लगभग 10 महीनों के बाद ये विज्ञप्ति जारी की गयी है। इस पूरी भर्ती प्रक्रिया को इसी साल तक खत्म करने की सरकार की योजना है।


बताते चलें कि 23520 नागरिक पुलिस व 18000 पीएसी कांस्टेबलों की विज्ञप्ति सरकार ने जारी की है फिलहाल ये तय नहीं है कि ये परीक्षा ऑनलाइन होगी या ऑफलाइन लेकिन उम्मीद है कि इस परीक्षा का आयोजन मई-जून में किया जायेगा उसके बाद नियमानुसार अभ्यर्थीयों का मेडिकल और उसके बाद दौड़ होगी अंत में लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर नियुक्ति की जायेगी।

गाँव की बात करें तो पिछले एक दशक से गाँव की नयी पीढ़ी खेती की तरफ भागती जा रही है। खेती-किसानी की हालत तो सब जानते हैं खेती में किसानों को कभी कभी लागत मूल्य के बराबर भी मूल्य नहीं मिलता ऊपर से गंगा की लहरें गाँव के घरों की तरफ बढ़ती चली आ रही हैं ऐसे में जरूरी है कि गाँव के युवा सरकारी नौकरी की तरफ बढ़ चलें। आज के जमाने में कोई भी सरकारी नौकरी छोटी नहीं है इसलिए मन में ये दृढ निश्चय कर लें कि हमें नौकरी ही करनी है और कोई भी नौकरी करनी है। सर्वप्रथम अपने पैरों पर खड़ा होना है उसके बाद उससे आगे जाने के भी जीवन में अनेक अवसर प्राप्त होंगे इसलिए इस भर्ती में मुझे नियुक्ति पत्र प्राप्त करना है, ऐसा सोचकर आज और अभी से तैयारी में लग जाईए।

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