सेमरा गाँव की डॉ प्रियंका कुमारी राय बनीं असिस्टेंट प्रोफेसर

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सेमरा निवासी डॉ प्रियंका कुमारी राय का चयन हिंदी विषय के असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर हुआ है. ऐसी सफलता हासिल करके उन्होंने सभी ग्रामवासियों को गौरवान्वित होने का अवसर दिया है. डॉ प्रियंका का चयन ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के बीआरबी कॉलेज में हुआ है. उनका शोध-कार्य काशी हिंदू विश्वविद्यालय से 'ग्रामीण जीवन का बदलता स्वरूप और शिवमूर्ति का कथा साहित्य' नामक विषय पर हुआ है. बड़ी बात यह है कि उनके पति डॉ अजीत कुमार राय भी असिस्टेंट प्रोफेसर हैं जो वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा के सरदार वल्लभभाई पटेल कॉलेज में नियुक्त हैं. गौरतलब है कि डॉ अजीत को गिरमिटिया मजदूरों और भारतीय प्रवासन से संबंधित कार्यों के लिए भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद और मॉरीशस के राष्ट्रपति द्वारा पोर्ट लुईस में सम्मानित भी किया जा चुका है. डॉ प्रियंका कुमारी राय डॉ अजीत कुमार राय गाँव के इतिहास में यह अभूतपूर्व है कि एक ही परिवार के और वो भी पति-पत्नी दोनों ही प्रोफेसर के पद पर हैं. डॉ प्रियंका गाँव के श्री वंश नारायण राय और श्रीमती प्रेमशीला राय की पुत्रवधू हैं. अपने पुत्र-पुत्रवधू को आ...

सेमरावासी करेंगे महापंचायत

सेमरा गाँव को गंगा कटान से बचाने के लिए गाँव के लोग आगामी 30 अप्रैल को एक व्यापक महापंचायत का आयोजन करने जा रहे हैं। सेमरा, शिव राय का पुरा व शेरपुर गाँवों को गंगा कटान से बचाने के लिए गाँव के लोग पिछले दो सप्ताह से गंगा तट पर आंदोलन कर रहे हैं लेकिन शासन-प्रशासन की उदासीनता से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

कल सत्याग्रह के 13वें दिन सर्वसम्मति से एक व्यापक महापंचायत के आयोजन का निर्णय लिया गया। ग्रामीणों ने कहा कि अगर सरकार हमारी माँगे नहीं मानती है तो भविष्य में इस आंदोलन को और व्यापक बनाकर सरकार को नींद से जगाने का काम किया जायेगा इसी परिप्रेक्ष्य में आगामी 30 अप्रैल को महापंचायत के आयोजन का निर्णय लिया गया। इस महापंचायत में सेमरा-शेरपुर के अलावा रामपुर, रेवतीपुर, तिलवां, अठहठा, हरिहरपुर, हसनपुरा, नगसर इत्यादि गाँवों के साथ साथ करईल के गाँवों को भी आमंत्रित किया जायेगा इसके बाद ग्रामीण पदयात्रा करते हुए तहसील तक जायेंगे और प्रशासन के कामकाज को पूरी तरह से ठप करने का काम करेंगे।

वहीं दूसरी तरफ सेमरावासियों के इस आंदोलन को पत्रकारिता जगत, समाज-सेवियों व राजनैतिक रूप से सक्रिय लोगों का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है। आज धरना स्थल पर पूर्व विधायक पशुपति नाथ राय व किसान नेता राजेंद्र यादव ने पहुँचकर आंदोलन को अपना समर्थन दिया तो इसी बीच कल मुहम्मदाबाद के अधिवक्ताओं ने भी इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया और पूरे दिन न्यायिक कार्यों से विरत रहे। तहसीलदार को पत्रक सौंपते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समय रहते सेमरा को नहीं बचाया गया तो बार के सदस्य अनिश्चितकाल के लिए कार्य का बहिष्कार करेंगे।


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